👌"रावण"जब;"रणभूमि" में, "मृत्युशय्या" पर,"अंतिम सांसे" ले रहा था,तब उसने,"श्री राम" से कहा :-----
🏆'राम :--- "मैं"तुमसे,हर बात में,"श्रेष्ठ"हूँ।
🏆जाति, मेरी "ब्राह्मण"हैं, जो तुमसे, "श्रेष्ठ" है।
🏆आयु में भी,"तुमसे बड़ा" हूँ।
🏆मेरा,"कुटुम्ब" तुम्हारे, "कुटुम्ब"से, "बड़ा" है।
🏆मेरा,"वैभव" तुमसे, "अघिक" हैं।
🏆तुम्हारा महल, "स्वर्णजड़ित" है!! परन्तु;मेरी पूरी "लंका"ही,v"स्वर्ण नगरी" है।!!
🏆मैं ,"बल और पराक्रम" में भी, तुमसे,"श्रेष्ठ" हूँ।
🏆मेरा,"राज्य" तुम्हारे, "राज्य"से, "बड़ा" है।
🏆"ज्ञान और तपस्या" में , तुमसे "श्रेष्ठ" हूँ।
🏆इतनी,"श्रेष्ठताओं" के होने पर भी, "रणभूमि" में,"मैं" तुमसे" परास्त" हो गया।😂
👉👉सिर्फ इसलिये कि, "तुम्हारा भाई" तुम्हारे,"साथ" है, और "मेरा भाई" मेरे, "खिलाफ"..............????
🙏 बिना भाई के साथ के जब, "रावण" हार सकता है, तो हम, किस "घमंड" में है ..?
🙏🏼सदा "साथ" रहिये, सदा" विजय" रहिये ......
👌सभी को,"कोशिश" करनी चाहिए, की कभी,"परिवार टूटे नही"।🙏🏼
अंदरुनी एकता बनाये रखो ।
💥क्योकि :----'-
👌''किसी भी,"पेड़" के "कटने"का, "किस्सा" न होता,
अगर"कुल्हाड़ी" के पीछे, "लकड़ी" का "हिस्सा"न होता ।''
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
यह संदेश हर परीवार को समर्पित
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