.
*वाह री जिन्दगी*
""""""""""""""""""""
*जीवन की आधी उम्र तक पैसा कमाया,*
*पैसा कमाने मे इस शरीर को खराब किया।*
*बाकी आधी उम्र तक उसी पैसे को,*
*शरीर ठीक करने मे लगाया।*
*न शरीर बचा, न पैसा ।*
*वाह री जिन्दगी*
*"""""""""""""""""""""*
*श्मशान के बाहर लिखा था!*
*मंजिल तो तेरी यही थी!*
*बस ज़िन्दगी गुजर गई आते आते*
*क्या मिला तुझे इस दुनिया से*
*अपनों ने ही जला दिया तुंझे जाते जाते*...
*_़़़़़वाह री जिंदगी़़़़़़_*
*""""""""""""""""""*
*दौलत की भूख एेसी लगी कि कमाने निकल गए!*
*जब दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए!*
*बच्चों के साथ रहने की फुरसत ना मिल सकी!*
*फुरसत मिली तो बच्चे कमाने निकल गए!*
*_़़़़़वाह री जिंदगी़़़़़़_*
*""""""""""""""""""*
,.........................................................................
🍃🌾🌴🌸🌿🌷💐
*"आशाएं ऐसी हो जो-*
*मंज़िल तक ले जाएँ,*
*"मंज़िल ऐसी हो जो-*
*जीवन जीना सीखा दे..!*
*जीवन ऐसा हो जो-*
*संबंधों की कदर करे,*
*"और संबंध ऐसे हो जो-*
*याद करने को मजबूर कर दे"*
*"दुनियां के रैन बसेरे में..*
*पता नही कितने दिन रहना है,*
*"जीत लो सबके दिलों को..*
*बस यही जीवन का गहना हे*
🌷😀 😀🌷
No comments:
Post a Comment