Thursday, 5 October 2017

वाह री ज़िन्दगी

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             *वाह री जिन्दगी*
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*जीवन की आधी उम्र तक पैसा कमाया,*
*पैसा कमाने मे इस शरीर को खराब किया।*
*बाकी आधी उम्र तक उसी पैसे को,*
*शरीर ठीक करने मे लगाया।*
*न शरीर बचा, न पैसा ।*

            *वाह री जिन्दगी*
          *"""""""""""""""""""""*
*श्मशान के बाहर लिखा था!*
*मंजिल तो तेरी यही थी!*
*बस ज़िन्दगी गुजर गई आते आते*
*क्या मिला तुझे इस दुनिया से*
*अपनों ने ही जला दिया तुंझे जाते जाते*...

    *_़़़़़वाह री जिंदगी़़़़़़_*
            *""""""""""""""""""*
*दौलत की भूख एेसी लगी कि कमाने निकल गए!*
*जब दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए!*
*बच्चों के साथ रहने की फुरसत ना मिल सकी!*
*फुरसत मिली तो बच्चे कमाने निकल गए!*

     *_़़़़़वाह री जिंदगी़़़़़़_*

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🍃🌾🌴🌸🌿🌷💐
  *"आशाएं ऐसी हो जो-*
              *मंज़िल  तक ले जाएँ,*
  *"मंज़िल  ऐसी हो जो-*
           *जीवन जीना सीखा दे..!*
*जीवन ऐसा हो जो-*
               *संबंधों की कदर करे,*
*"और संबंध ऐसे हो जो-*
      *याद करने को मजबूर कर दे"*
*"दुनियां के रैन बसेरे में..*
   *पता नही कितने दिन रहना है,*
       *"जीत लो सबके दिलों को..*
  *बस यही जीवन का गहना हे*

                  🌷😀 😀🌷

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